Skip to main content

अधुरा सपना

अधुरा सपना र जिम्मेदारीको बोझले मन चिसो र ढुङ्गा भइसके जस्तो लाग्छ कहिले काहीँ ।

Comments

Popular posts from this blog

शुन्य

शून्य पे सवार हूँ बेअदब सा मैं खुमार हूँ अब मुश्किलों से क्या डरूं मैं खुद कहर हज़ार हूँ मैं शून्य पे सवार हूँ मैं शून्य पे सवार हूँ # ज़ाकिर ख़ान

चिहान

चिहान ठूलो संसारमा मन मान्छेको । भेटिन्छ जहाँ कंकाल हजारौं सपनाको ।।